नमस्कार, आप देख रहे हैं सिनेट न्यूज़।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
बिहार के कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) के 1731 केंद्रों की प्रशिक्षण बहाली की मांग पर पटना के गर्दनी बाग में आंदोलन अब भूख हड़ताल तक पहुंच गया है। 9 अक्टूबर से शुरू हुए इस महा आंदोलन के 15वें दिन, 23 अक्टूबर को पाँच लोगों ने भूख हड़ताल शुरू की और 24 अक्टूबर को अनशन का दूसरा दिन जारी है।
मुख्य माँगें
आंदोलनकारियों ने चार प्रमुख माँगें रखी हैं:
1. सभी 1731 केंद्रों की पुनर्बहाली।
2. पुराने केवाईपी पाठ्यक्रम का दोबारा शुरू होना।
3. प्रति केंद्र प्रति तिमाही 120‑180 की प्रशिक्षण क्षमता बहाल करना।
4. बंद अवधि के लिए उचित मुआवजा देना।
संचालकों का बयान
डॉ. आनंद रंजन झा के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने कहा कि लगभग 8 महीने से नियमित नामांकन और प्रशिक्षण बाधित है, जिससे केंद्रों, प्रशिक्षकों और कर्मचारियों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। कई युवाओं ने आरसीसी से पंजीकरण किया है पर 7‑8 महीने से प्रशिक्षण शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विभागीय प्रतिक्रिया
वर्तमान में इस रिपोर्ट के लिए संबंधित विभाग की सीधी प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। आंदोलनकारियों ने सरकार से तुरंत बातचीत और लिखित समयबद्ध निर्णय की मांग की है।
भविष्य की दिशा
यदि आधिकारिक निर्णय आए तो सिनेट न्यूज़ तथ्य-आधारित जानकारी के साथ अपडेट करेगा।
नोट
यह लेख वीडियो ट्रांसक्रिप्ट में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और इसमें कोई अतिरिक्त आँकड़े या तिथियां नहीं जोड़ी गई हैं।
शिक्षा
कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) के 1731 केंद्रों की प्रशिक्षण बहाली की मांग पर बिहार में भूख हड़ताल और अनशन का विस्तार
बिहार के कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) के 1731 केंद्रों को पुनः चालू करने की मांग में पटना के गर्दनी बाग में आंदोलनकारियों ने 23 अक्टूबर को भूख हड़ताल शुरू की। अब 24 अक्टूबर को अनशन का दूसरा दिन जारी है, जहाँ केंद्र संचालकों ने 8 महीने से प्रशिक्षण न चलने के कारण आजीविका संकट का हवाला दिया है।