सुरक्षित स्पर्श (गुड टच)
बच्चों को बताया गया कि जब माँ‑पिता प्यार से गले लगाते हैं, टीचर शाबाशी देती हैं या दोस्त हाथ मिलाते हैं, तो वह गुड टच कहलाता है। इससे बच्चा सुरक्षित, खुश और आत्मविश्वासी महसूस करता है।
असुरक्षित स्पर्श (बैड टच)
किसी भी ऐसे स्पर्श को जो बच्चा अजीब, डरावना या असहज महसूस कराए, बैड टच कहा गया। विशेष रूप से शरीर के निजी हिस्से‑‑होंठ, छाती, पैरों के बीच का हिस्सा और नितंब‑‑को बिना अनुमति छूना या दिखाना असुरक्षित माना गया।
प्राइवेट पार्ट्स और स्विमसूट नियम
वीडियो में बताया गया कि स्विमसूट या कपड़े इन निजी हिस्सों को ढक कर रखता है। केवल बीमारी के समय डॉक्टर, माँ‑पिता या विश्वसनीय बड़े इन हिस्सों को देख या छू सकते हैं।
तीन जादुई नियम (गोल्डन रूल्स)
यदि कोई बच्चा अनचाहे स्पर्श का सामना करे, तो उसे तुरंत:
1. ज़ोर से “नहीं” कहकर स्पष्ट रूप से अस्वीकार करना चाहिए।
2. आसपास के लोगों की मदद से तुरंत वहाँ से दूर भागना चाहिए।
3. भरोसेमंद बड़े‑‑माँ‑पिता, टीचर या किसी भरोसे वाले व्यक्ति को बताना चाहिए, जब तक समस्या का समाधान न हो जाए।
मदद माँगने का महत्व
बच्चों को यह भी समझाया गया कि उन्हें अपने भरोसेमंद बड़ों को तुरंत बताना चाहिए, ताकि उन्हें आवश्यक सहायता मिल सके और उन्हें सुरक्षित महसूस हो। यह शिक्षा कक्षा में आसान भाषा में प्रस्तुत की गई है, जिससे छोटे‑छोटे बच्चे भी समझ सकें।
शिक्षा
बच्चों को सुरक्षित स्पर्श की शिक्षा: गुड टच और बैड टच की पूरी जानकारी
वीडियो में कक्षा 1‑5 के बच्चों को सुरक्षित (गुड टच) और असुरक्षित (बैड टच) स्पर्श के बारे में सरल भाषा में समझाया गया है। इसमें प्राइवेट पार्ट्स की पहचान, स्विमसूट नियम, और अनचाहे स्पर्श से निपटने के तीन गोल्डन रूल्स को बताया गया है।